पंजाब में आम आदमी पार्टी की बड़ी मुसीबत, एक और विधायक पहुंचा जेल की सलाखों के पीछे , छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में दोषी करार

पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आम आदमी पार्टी के चार विधायक पहले ही करप्शन के मामले में जेल जा चुके हैं। एक विधायक के खिलाफ रेप का मामला हाल ही में पटियाला में दर्ज हुआ था। यह विधायक पंजाब पुलिस की हिरासत से फरार भी हुआ और अब खडूर साहिब से आप के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को सजा सुनाई जानी है। उनके साथ छह पुलिसवालों समेत दस लोगों को कोर्ट ने दोषी पाया गया है। मामला 13 साल पहले एक महिला से छेड़छाड़ और मारपीट करने का है। फैसला तरनतारन की जिला अदालत ने सुनाया। दोषसिद्धि के बाद, विधायक और अन्य आरोपियों को हिरासत में लेकर तरनतारन जिले के पट्टी कस्बे की उप-जेल भेज दिया गया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रेम कुमार ने सजा पर फैसला शुक्रवार के लिए सुरक्षित रखा है। पीड़िता के वकील अमित धवन ने बताया कि पुलिस ने विधायक समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। धवन के अनुसार, पीड़िता ने कहा कि वह खुश है कि न्याय मिला और उसका 13 साल और छह महीने का इंतजार रंग लाया।

2013 में घटना के समय, लालपुरा टैक्सी चालक के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने 2022 का विधानसभा चुनाव तरनतारन जिले के खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र से आप के टिकट पर लड़ा, जिसमें उन्हें 55,756 वोट मिले और उन्होंने दो बार के कांग्रेस विधायक रमनजीत सिंह सिक्की को लगभग 16,500 वोटों से हराया।
यह घटना 4 सितंबर, 2013 को हुई थी। उस समय 19 वर्षीय दलित महिला और उसके परिवार के सदस्य एक शादी समारोह में गए थे, जब एक टैक्सी चालक और कुछ अन्य लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। उसने विरोध किया, लेकिन छेड़छाड़ करने वालों ने उसके साथ मारपीट की। पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उन्होंने भी महिला के साथ मारपीट की। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और अधिकारियों को पीड़िता के परिवार को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया।
धवन ने बताया कि 12 आरोपियों में से एक परमजीत सिंह की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में लालपुरा उर्फ सभा, रविंदर सिंह, कवलदीप सिंह और पूर्व पुलिसकर्मी दविंदर कुमार, सारज सिंह, अश्विनी कुमार, तरसेम सिंह और हरजिंदर सिंह शामिल हैं। तीन अन्य दोषियों – गुरदीप राज, गगनदीप सिंह और नरिंदरजीत सिंह को अभी गिरफ्तार किया जाना बाकी है। इनमें नरिंदरजीत भी एक पुलिसकर्मी था।